अबनाः संयुक्त राष्ट्र संघ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सीरिया और इराक़ में अस्सी देशों के पंद्रह हज़ार आतंकी, आईएसआईएल के साथ सक्रिय हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद में अलक़ायदा की गतिविधियों पर नज़र रखने वाली समिति की ओर से तैयार की गयी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएसआईएल, अलक़ायद की ही एक शाखा है किन्तु इस आतंकी संगठन की जड़ें कमज़ोर हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ की रिपोर्ट में कहा गया है कि 2010 से इराक़ और सीरिया में विदेशी चरमपंथियों की संख्याओं में भारी वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में आया है कि विदेशी चरमपंथियों में फ़्रांस, रूस और ब्रिटेन से शामिल होने वाले आतंकी भी हैं और सीरिया और इराक़ में लगभग 80 देशों के आतंकी सक्रिय हैं।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन आतंकियों में से कुछ को तो यह भी पता नहीं कि आईएसआईएल का संबंध अलक़ायदा से है और यह कि अलक़ायदा में शामिल होने से किन समस्याओं का सामना हो सकता है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि आईएसआईएल जैसे आतंकी, अपनी गतिविधियां उन देशों में भी जारी रखते हैं जहां से वह सिर उठाते हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सीरिया और इराक़ में सक्रिय आतंकी जब स्वदेश लौटेंगे तो यह अपने देश की सुरक्षा के लिए गंभीर ख़तरा बन सकते हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि ब्रिटेन और फ़्रांस जैसे देशों ने आईएसआईएल से जुड़ने वालों का पता लगाने और लोगों को सीरिया और इराक़ जाने से रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गये हैं।
1 नवंबर 2014 - 19:39
समाचार कोड: 648529
संयुक्त राष्ट्र संघ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सीरिया और इराक़ में अस्सी देशों के पंद्रह हज़ार आतंकी, आईएसआईएल के साथ सक्रिय हैं।